दिलवाड़ा का जैन मंदिर - Dilwara mandir history in hindi

Dilwara temple history in hindi - Dilwara mandir ka itihas - Rajasthan


दिलवाड़ा का जैन मंदिर -Dilwara temple history in hindi - Dilwara mandir ka itihas - Rajasthan
दिलवाड़ा का जैन मंदिर

भारत (Bharat) में मंदिरों का प्रचलन युगो युगो से चला आ रहा है भारत में अनेकों मंदिर बनाए गए और मुगलों द्वारा अनेकों मंदिर तोड़े भी गए।

भारत में कई सारे प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है। उन्हीं मंदिरों में से एक है दिलवाड़ा का जैन मंदिर (Dilwara jain temple), जैन धर्म में यह मंदिर बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है।

दिलवाड़ा मंदिर कहाँ स्थित है ?

दिलवाड़ा मंदिर पांच मंदिरों से बना एक बड़े मंदिर का समूह है। यह मंदिर राजस्थान (Rajsthan) के माउंट आबू शहर में स्थित है।

मंदिर का स्थापत्य कला : Mandir sthapatya kala

दिलवाड़ा मंदिर किसने बनवाया?

दिलवाड़ा जैन मंदिर का निर्माण सोलंकी शासकों द्वारा 11वीं - 13वीं शताब्दी में करवाया गया था। यह मंदिर सफेद संगमरमर द्वारा निर्मित किया गया है।

इस मंदिर का भीतरी हिस्सा घुमावदार तथा बाहरी हिस्सा चिकना है। इस मंदिर में कोई शिखर या गुबंद नहीं है। इसके भीतरी छत पर बहुत बारीकी से नक्काशी की गई है।

यह मंदिर सामने से बहुत भव्य दिखता है। यहाँ आने वाले लोग इस मंदिर की भव्यता तथा सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इन पर की गई नक्काशीयाँ किसी का भी मन मोह लेती हैं।


दिलवाड़ा का जैन मंदिर -Dilwara temple history in hindi - Dilwara mandir ka itihas - Rajasthan
दिलवाड़ा का जैन मंदिर

दिलवाड़ा मंदिर का इतिहास : Dilwara mandir ka itihas

जैसा कि हमने जाना किया दिलवाड़ा मंदिर पांच मंदिरों से मिलकर बना है। इन पांच मंदिरों से बने समूह को ही दिलवाड़ा कहा जाता है। इन पांच मंदिरों के नाम इस प्रकार है -
  • (1).विमल वसाही मंदिर
  • (2).लूना वसाही मंदिर
  • (3).पीत्तलहार मंदिर
  • (4).श्री पार्श्वनाथ मंदिर
  • (5).श्री महावीर स्वामी मंदिर


1. विमल वसाही मंदिर : Vimal vasahi temple

सफेद संगमरमर द्वारा तैयार किया गया यह मंदिर गुजरात के राजा भीम प्रथम के मंत्री विमल शाह के द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर 1031 ई. में बनकर तैयार हो गया था। यह मंदिर जैन महात्मा आदिनाथ (Mahatma adinath) को समर्पित है।

2. लूना वासाही मंदिर : Luna vasahi temple

इस मंदिर का निर्माण गुजरात वहेला के शासक वस्तुपाल और तेजपाल के द्वारा 1230 ई. में किया गया था। यह मंदिर भगवान नेमिनाथ (Bhagwan neminath) को समर्पित है।

3. पित्तलहार मंदिर : Pittalhar mandir

यह मंदिर अपनी वजनदार मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में 4 मेट्रिक टन वजन की भगवान आदिनाथ (Bhagwan adinath) की मूर्ति को स्थापित किया गया था। जिसे पांच धातुओं को मिलाकर बनाया गया था। इस मंदिर का निर्माण अहमदाबाद के सुल्तान दादा के मंत्री भीम शाह के द्वारा 1468 ईस्वी में किया गया था।

4. श्री पार्श्वनाथ मंदिर : Shree Parshwanath temple

यह मंदिर भगवान पार्श्वनाथ (Bhagwan parshwanath) को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 1459 ई. में मांडलिक तथा उसके परिवार द्वारा किया गया था। दिलवाड़ा के सभी मंदिरों में से यह मंदिर सबसे ऊंचा 3 मंजिला इमारत है।

5. श्री महावीर स्वामी मंदिर : Shree Mahaveer swami temple

महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। यह मंदिर 1582 ई. में बनी एक छोटी सी संरचना है जो भगवान महावीर (Bhagwan Mahaveer) को समर्पित है।

यह मंदिर प्रसिद्ध होने के कारण रोज हजारों सैलानी यहां इस मंदिर की सुंदरता का आनंद लेने आते हैं। यह मंदिर तीर्थ के लिए भी एक पवित्र स्थान मानी जाती है। रोज यहां लोग तीर्थ के लिए भी आते हैं।यहां पर रोज भारी मात्रा में लोग मंदिर का दर्शन भी करने आते हैं।



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