अंग्रेजों का पहली बार भारत में आगमन कब हुआ था?

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Vasko-di-gama (वास्को डी गामा)


अंग्रेजों का भारत में आगमन :

समुद्री रास्ते से भारत आने वाला पहला इंसान एक यूरोपियन था। उसने यूरोप और भारत के बीच समुद्री रास्तों की खोज की थी। जिसका नाम वास्कोडिगामा था। वास्कोडिगामा एक पुर्तगाली था। वह पुर्तगाल देश से व्यापार की तलाश में निकला था।

पहली बार भारत (India) में यूरोपियों का आगमन वास्कोडिगामा के साथ हुआ था। 20 मई 1498 को वास्कोडिगामा ने पहला कदम भारत पर रखा। इस प्रकार अंग्रेजों का पहली बार भारत में आगमन हुआ।
वास्कोडिगामा को भारत बहुत पसंद आया। उस समय भारत में मसालों का व्यापार बहुत जोर-शोर से चल रहा था। वास्कोडिगामा को व्यापार के लिए भारत एक प्रमुख देश लगा। 

उसने भारत में व्यापार करने को सोचा और बाकी देशों को भी इसके बारे में बताया। और इसी के साथ बाकी यूरोपीय देशों के लिए भारत एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया। 
 

भारत में व्यापार :

भारत में व्यापार की स्थिति को देखते हुए बहुत सारे देशों ने भारत में व्यापार करने की सोच कर भारत यानी सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश को लूटना चाहा। 

व्यापार के बहाने बहुत सारे देश भारत आए। उनमें से कुछ वे देश है जिन्होंने भारत में व्यापार कर बहुत सारा सोना और भारतीय खजाना भारत से लूट कर ले गए।

  • 1. पुर्तगाल
  • 2. फ्रांस
  • 3. डच
  • 4. हॉलैंड
  • 5. ब्रिटिश

 

पुर्तगाली :

पुर्तगाल से प्रथम इंसान वास्कोडिगामा जिसने भारत में व्यापार करना चाहा। उसने धीरे-धीरे व्यापार के नाम से भारत से बहुत सारे सोने अपने जहाजों में लादकर वह अपने देश पुर्तगाल ले गया। 

उसने कई बार भारत से पुर्तगाल भरे जहाजों से सोना ले गया और आया और फिर ले गया। इसलिए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि वह एक लुटेरा था। इसी प्रकार अन्य देश से भी लोग व्यापार के नाम से भारत आते और सोना लूट कर ले जाते। यह प्रक्रिया कई वर्षों तक चलता रहा।

और फिर एक समय ब्रिटिश भारत आए। और उसने अपने कूटनीति से बाकी सभी देशों के व्यापारी को भारत से भगा दिया। और फिर धीरे-धीरे पूरे भारत में अपना शासन कायम कर दिया।

 
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East India company



ईस्ट इंडिया कंपनी :

भारत के मसाले विदेशों में बहुत ही ज्यादा प्रचलित थे, इससे मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई। 

और देश-विदेश से बहुत सारे लोग भारत में व्यापार करने के लिए आने लगे। और इसके बाद इंग्लैंड से कुछ अंग्रेज (British) ईस्ट इंडिया कंपनी (East India company)  के नाम से भारत आए और भारत को गुलाम बनाकर 250 वर्षों तक राज किया।


British (अंग्रेज) भारत कब आए थे ?

24 अगस्त 1608 ई. को व्यापार के उद्देश्य से सूरत के बंदरगाह में अंग्रेजों का आगमन हुआ था।
सर विलियम हॉकिंस जो कि ईस्ट इंडिया कंपनी का एक कर्मचारी था, उसने बादशाह जहांगीर से ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से व्यापार करने का एक शाही फरमान जारी करा लिया। और उसने अपना व्यापार करना शुरू कर दिया।

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वास्कोडिगामा

 
वास्कोडिगामा :

वास्कोडिगामा के बारे में हमें और एक चीज जो हमें बचपन से गलत पढ़ाया जाता है। हमें बताया जाता है कि भारत की खोज वास्कोडिगामा ने की है। लेकिन यह बिल्कुल एक गलत जानकारी है।

वास्कोडिगामा ने केवल भारत आने वाले समुद्री रास्तों की खोज की थी। ना कि भारत की खोज की थी।


भारत जहाँ हम आदिमानव युग से यहाँ रह रहे हैं। हजारों सालों से अलग-अलग नामों से इतिहास में भारत का अस्तित्व है। जहाँ हम हजारों सालों से रह रहे हैं भला उसे कैसे कोई खोज सकता है।

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