ममलूक वंश (गुलाम वंश) Mamluk Vansh-Gulam Vansh in Hindi

Mamluk Vansh-Gulam Vansh-Dilli ka Sultan in Hindi


ममलूक वंश (गुलाम वंश) : Mamluk vansh (gulam vansh)

" ममलुक अरबी भाषा का एक शब्द है। जिसका अर्थ है गुलामी के बंधन से मुक्त माता-पिता की संतानें। इस वंश के 11 शासकों में तीन (एबक, इल्तुतमिश व बलबन) ही दास थे। "

गजनी और हेरात के मध्य स्थित गोर के शासक शाहाबुद्दीन उर्फ मोइजुद्दीन गोरी ने भारत पर कई आक्रमण किए। तराइन के पहले युद्ध (1191) में पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj chauhan) से हारने के बाद अगले वर्ष उसने तराइन के दूसरे युद्ध में विजय प्राप्त की।

गौरी भारत के विजित प्रदेशों पर शासन का भार अपने गुलाम सेनापतियों को सौंप कर गजनी लौट गया। 1206 ई. में गोरी की मृत्यु के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक (Qutubuddin aibak) ने स्वतंत्र रूप से दिल्ली के शासन की बागडोर संभाली। 

kutubeddin abakकुतुबुद्दीन ऐबक
कुतुबुद्दीन ऐबक (Qutubuddin aibak)

 कुतुबुद्दीन ऐबक : (Qutubuddin aibak)

दिल्ली सल्तनत (Dilli saltanat) का पहला शासक था। उसे भारत में ममलूक वंश (Mamluk vansh) अथवा दास वंश (Das vansh) का संस्थापक माना जाता है। ऐबक के समय राजधानी लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) थी। 

उसने दिल्ली एवं अजमेर में मस्जिदों का निर्माण कराया तथा कुतुबमीनार का निर्माण-कार्य आरंभ कराया। 1210 ई. में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़ा से गिरकर ईसकी मृत्यु हुई थी।

Iltutmiss
इल्तुतमिश (Iltutmish)

 इल्तुतमिश : Iltutmish

दिल्ली सल्तनत (Dilli saltanat) के आरंभिक इतिहास में जो शासक सबसे अधिक महत्वपूर्ण स्थान रहता है, वह इल्तुतमिश है। सुदृढ़ शासन स्थापित करने के लिए इल्तुतमिश के सामने अनेक चुनौतियांँ थी। 

इन चुनौतियों से निपटने के लिए उसने 40 दासों का एक संगठन तुर्कान-ए-चहलगानी बनाया जिसे "चालीसा-दल" कहा जाता था। इसने इक्तादारी व्यवस्था चलाई। ईक्ता राज्य की सबसे छोटी इकाई होती थी।

1221 ई. में इसी के काल में चंगेज खान (Changez khan) भारत का सीमा तक आया। सर्वप्रथम शुद्ध अरबी के सोने की सिक्का इसी ने चलाया। वह दिल्ली को राजधानी बनाने वाला प्रथम सुल्तान था। खलीफा से अपना शासन का वैधानिक अधिकार प्राप्त करने वाला वह दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था।

Rajiya sultan
रजिया सुल्तान (Razia sultan)

 रजिया सुल्तान : Razia sultan

इल्तुतमिश (Iltutmish) की मृत्यु के बाद उसका पुत्र रुक्नुद्दीन फिरोज गद्दी पर बैठा। परंतु कुछ ही समय बहुत जन-विरोध के कारण रजिया को गद्दी पर बैठने का अवसर मिल गया। रजिया दिल्ली की प्रथम व अंतिम महिला शासिका थी। रजिया का 4 वर्ष का अल्प शासन काल होने पर भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

उसने महिला वस्त्र त्याग कर पुरुषों द्वारा धारण किए जानेवाला कबा (कुरता) और कुलाह (एक प्रकार की पगड़ी) को अपनाया। रजिया ने सर्वप्रथम तुर्क सामंत वर्ग की शक्ति को तोड़ने और गैर तुर्क शासक वर्ग की शक्ति संगठन करने का प्रयास किया। 

सामंतो का वर्ग पुरुष प्रधान समाज में एक महिला की सत्ता के आगे सिर झुकाने को तैयार नहीं था। दूसरी और उलेमा के मतानुसार इस्लाम में महिला को सुल्तान का पद ग्रहण करने की अनुमति नहीं थी। कुछ इतिहासकार तुर्क सरदारों की महत्वकांक्षा को ही रजिया की असफलता का कारण बनते हैं।

कई इतिहासकारों ने रजिया की प्रशंसा की है। इतिहासकार मिनहाज-उस-सिराज ने लिखा कि "रजिया एक महान शासिका" थी। बुद्धिमान, न्यायप्रिय, उदारचित्त और प्रजा की शुभचिंतक, प्रजापालक और अपनी सेनाओं की कुशल नेत्री थी। 

उसमें बादशाहत के सभी गुण विद्यमान थे, इतिहासकार के. ए. निजामी ने लिखा है - "इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इल्तुतमिश के उत्तराधिकारियों में वह सबसे श्रेष्ठ थी।"

gayasuddin balban,गयासुद्दीन बलबन
गयासुद्दीन बलबन (Ghiyasuddin balban)

 गयासुद्दीन बलबन : Ghiyasuddin balban

बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा को स्थापित करने एवं अपने विरोधियों के दमन के लिए लौह एवं रक्त की नीति अपनायी। उसने चालीसा-दल का दमन किया। वह निरंकुश राजत्व के सिद्धान्त पर विश्वास रखता था। 

उसके अनुसार सुल्तान पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि होता है। उसने ईरानी त्योहार नौरोज उत्सव मनाना शुरु किया। उसने राजदरबार में सिजदा एवं पैबोस नामक ईरानी प्रथा की शुरुआत की।

खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान part-2



Keyword: mamluk vansh, gulam vansh in hindi, dilli ka sultan, kutuidin ebak in hindi, rajiya sultan, iltutumis, gyasuddin balban, indian history, reyomind, mughal empire,gulam vansh ka antim shasak ka naam bataye, question paper, gk, ghulam vansh ki jankari, all vansh history in hindi,mughal empire family tree


आपको यह पोस्ट कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएं और इस तरह के पोस्ट हमेशा पढ़ने के लिए हमारे वेबपेज को फॉलो कीजिए।

Post a Comment

2 Comments

Thanks for comment! Keep reading good posts in Reyomind.com Have a good day !