खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान | Khilji vansh in Hindi

  • खिलजी वंश (Khilji vansh-Dilli ka sultan) in Hindi


खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान,Khilji vansh in Hindi
अलाउद्दीन खिलजी

खिलजी वंश (Khilji vansh) का संस्थापक फिरोज खिलजी (Firoj Khilji) था। जिसने सत्ता पर अधिकार करने के बाद जलालुद्दीन की पदवी धारण की। उसने 1290 ई. से 1296 ई. तक शासन किया। खिलजी शासकों के समय दिल्ली सल्तनत (Delhi sultanate) का चरम विकास हुआ।


खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान,Khilji vansh in Hindi
अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत अभियान

      

    अलाउद्दीन खिलजी :  Alauddin khilji

    अलाउद्दीन (Alauddin khilji) का 20 वर्ष का शासन काल सल्तनत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वह एक दूरदर्शी शासक था। सबसे पहले उसने गुजरात मलावा (Gujrat malava) और राजपूताना (Rajputana) पर अधिकार जमाया। इसके बाद दक्षिण विजय की योजना बनाई। जिसमें उसे अपार धन-संपत्ति हाथ लगी, इससे सल्तनत का केंद्रीय कोष समृद्ध हुआ। 

    अलाउद्दीन ने कर प्रणाली में व्यापक सुधार किया। सर्वप्रथम उसने दोआब (गंगा और यमुना नदी के बीच का क्षेत्र) में लगान की दर में वृद्धि के आदेश दिए। सीना में सुधार के लिए भी उसने अनेक कार्य किए। अलाउद्दीन पहला शासक था जिसने सैनिकों का हुलिया लिखने और घोड़े दागने की प्रथा शुरू की। शेरशाह और अकबर ने भी इस प्रथा को जारी रखा। कुतुब मीनार के पास उसने अलाई दरवाजा का निर्माण कराया था।

    Khilji vansh in Hindi,खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान
    अलाई दरवाजा

    अलाउद्दीन का बाजार नियंत्रण : Alauddin ka bajar

    अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण पर विशेष जोर दिया। इसकी विस्तृत जानकारी जियाउद्दीन बरनी की तारीख-ए-फिरोजशाही से मिलती है। अलाउद्दीन ने इसके तहत कई नए पदों का सृजन किया। 

    दीवान-ए-रियासत (Diwan A Riyasat) - यह व्यापारियों एवं बाजार पर पूर्णता नियंत्रण रखता।


    सहाना-ए-मंडी (Sahana A Mandi) - यह बाजार का अधीक्षक होता था जहाँ सभी व्यापारियों को इनके दफ्तर में अपने को पंजीकृत करना पड़ता था।


    बरीद (Barid) - प्रत्येक बाजार का निरीक्षण करता था। उसने व्यापारियों में बेईमानी रोकने के लिए कम तोड़ने वाले व्यक्ति के शरीर से उतना ही मांस काटने का आदेश दिया था। इन प्रयासों के तहत बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर अंकुश लगा। अमीर खुसरो (Amir khusro) के अनुसार अलाउद्दीन के बाजार नियंत्रण का उद्देश्य आम लोगों को राहत पहुँचाना था।
      

    तुगलक वंश : Tuglak vansh

    गयासुद्दीन तुगलक (Gayasuddin Tuglak) ने 1320 ई. में तुगलक वंश की नींव डाली। इसके 5 वर्ष बाद मोहम्मद बिन तुगलक गद्दी पर बैठा। वह कुशल और साम्राज्यवादी शासक था। इसने लगभग ढाई दशक तक शासन किया। उसने दक्षिण के राज्यों पर अधिकार जमाए रखने के लिए 1326 ई. में दिल्ली से राजधानी दौलताबाद परिवर्तित कर दिया। उसने सिक्कों में सुधार कर अनेक प्रकार के सिक्के जारी किए। 
    खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान,Khilji vansh in Hindi
    मोहम्मद बिन तुगलक
    मोहम्मद बिन तुगलक (Muhamad Bin Tuglak) ने सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन प्रारंभ किया। उस के शासनकाल में मोरक्को का यात्री इब्नबतूता भारत आया था। उसके समय ही दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी। उसने दीवान-ए-अमीर कोही (कृषि विभाग) की स्थापना की। वह अरब फारसी सहित कई भाषाओं एवं ज्ञान में पारंगत था, इसके बावजूद उसके कई निर्णय विवादों से भरे रहे।

    इब्नबबूता : Ibnbabuta

    इब्नबबूता मोरक्को का निवासी था। वह सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक के कार्यकाल में भारत आया। सुल्तान ने उन्हें दिल्ली का काजी नियुक्त किया। उसने मोहम्मद बिन तुगलक के समय की घटनाओं का वर्णन अपनी पुस्तक रेहला में किया है।

    खिलजी वंश, दिल्ली का सुल्तान,Khilji vansh in Hindi
    फिरोजशाह तुगलक
       

    फिरोजशाह तुगलक : Firoj shah tuglak

    मोहम्मद बिन तुगलक के बाद फिरोजशाह तुगलक शासक बना। उसके शासनकाल में राज्य एवं प्रजा दोनों संपन्न थे। सिंचाई कर लेने वाला सल्तनत का काल का पहला शासक था। उसने हिसार, फिरोजाबाद व जौनपुर शहर को बसाया। उसने दासो के लिए दीवान-ए-बंदगान नामक विभाग की स्थापना की।


    Keyword: dilli ka sultan, khilji vansh, indian history, reyomind, gulam vansh, south india history, khilji vansh gk in hindi, khilji vansh trick, tuglak vansh, alauddin khilji history in hindi, khilji dynasty, mubarak khilji in hindi, tuglak vansh in hindi, tuglak vansh


    आपको यह पोस्ट कैसा लगा कृपया कमेंट करके बताएं, और इसी तरह के पोस्ट आगे पढ़ने के लिए हमारी वेबपेज को फॉलो कीजिए

    Post a Comment

    0 Comments